तू अल्हड़-सा, विषधारी गौरी अमृत की मोहक प्याली है! (रघुवीर) .......................................... अजब भोले की गजब प्रेम कहानी है, शिव इश्कजादे है तो गौरी भी प्रेम दीवानी है! (रघुवीर)
भारत- भूमि के लाडले अटल फिर याद आए, राष्ट्र- भक्ति के गीत गुनगुनाये अटल फिर याद आए, राजनीति के कीचड़ में फिर कोई कमल खिलाए अटल फिर याद आए, संयुक्त राष्ट्र में जब हिंदी के शब्द गुंजाये अटल फिर याद आए, एटम बम की ताकत से दुनियाँ में लौहा मनवाये अटल फिर याद आए, भारत- भूमि का गौरव बढ़ाये अटल फिर याद आए, आपका आभामंडल जब आँखों के सामने आए अटल फिर याद आए, शब्दों के तीर से जब विरोधियों के होश उड़ाए अटल फिर याद आए, भारत के स्वर्णिम काल-खंड की याद दिलाये अटल फिर याद आए, भारत- रत्न का गौरव बढाये अटल फिर याद आए, बुझे हुए दीये में फिर से बाती जलाये अटल फिर याद आए। (रघुवीर)